गुजरात को मिली आधुनिक रेल्वे स्टेशन सहित विभिन्न योजनाओं की सौगातें

गुजरात को मिली आधुनिक रेल्वे स्टेशन सहित विभिन्न योजनाओं की सौगातें

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

नई दिल्ली — गांधीनगर का यह रेलवे स्टेशन नये भारत की पहचान है औ तमाम लोगों की आकांक्षाओं का प्रतीक है। देश को क्रांकिट का इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं खड़ा करना है , बल्कि नये तौर-तरीकों पर जोर देना है। भारत सरकार पीपीई मॉडल के तहत रेलवे का विकास करने जा रही है , गुजरात के ये गांधीनगर रेलवे स्टेशन इसकी शुरुआत है और आने वाले समय में और भी रेलवे स्टेशनों का इसी तर्ज पर विकास किया जायेगा।
उक्त बातें पुनर्विकसित गांधीनगर रेल्वे स्टेशन के ऊपर बने एक नये पांच सितारा होटल के उद्घाटन करते हुये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कही। उन्होंने अपना विजन बताते हुये कहा कि वे चाहते हैं कि देश के हर नागरिक को रेलवे स्टेशन पर भी एयरपोर्ट जैसी सुविधायें मिलें , हर राज्य में रेलवे स्टेशनों का इसी अंदाज में विकास हो और देश को बेहतरीन सुविधायें मिलें। वे देश की अर्थव्यवस्था में रेलवे का एक अहम योगदान मानते हैं और इसे एक बड़े विकास केंद्र के रूप में देखते हैं।पीएम ने जानकारी दी कि रेलवे स्टेशन को वाईफाई से भी जोड़ा जा रहा है। पहले जिस रेलवे को भीषण हादसों के लिये जाना जाता था , अब वहीं रेलवे नये भारत की झांकी बन गई है , उनकी नजरों में टेक्नोलॉजी की वजह से भारतीय रेलवे का कायाकल्प होने जा रहा है। बताते चलें देश के पहले फाइव स्‍टार होटल वाले गांधीनगर कैपिटल रेलवे स्टेशन का 71 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिकीकरण किया गया है जिसमें विश्वस्तरीय सुविधायें दी गई हैं। साथ ही दिव्यांगों की सुविधा के लिये विशेष टिकट खिड़की , रैम्प , लिफ्ट और सुरक्षित पार्किंग की व्यवस्था की गई है। गांधीनगर स्टेशन पर बना पांच सितारा होटल 318 कमरों वाला है और 790 करोड़ रुपये की लागत से बना है। गांधीनगर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास और उसके ऊपर पांच सितारा होटल का निर्माण जनवरी 2017 में शुरू हुआ था और प्रधानमंत्री मोदी ने इनकी आधारशिला रखी थी। वहीं साइंस सिटी स्थित ‘नेचर पार्क का उद्घाटन करते हुये पीएम मोदी ने कहा, ‘साइंस सिटी में बनी एक्तोवेटिक्स गैलरी और भी आनंदित करने वाली है। ये देश के ही नहीं बल्कि एशिया के टॉप एक्वेरियम में से एक है। एक ही जगह पर दुनियां भर की समुद्री जैव विविधता के दर्शन अपने आप में अद्भुत अनुभव देने वाला है। बच्चे अक्सर अभिभावकों से रोबोट और जानवरों की मांग करते हैं। माता पिता ये सब कहां से लायेंगे ? बच्चों को साइंस सिटी में इन्हें देखने का मौका मिलता है। साइंस सिटी में नेचर पार्क बना है। बताते चलें इस पार्क में मिस्ट गार्डन , चेस गार्डन , सेल्फी पॉइंट , स्कल्पचर पार्क और आउटडोर मार्ग सहित कई खूबसूरत विशेषतायें हैं। इसमें बच्चों के लिये डिज़ाइन की गई दिलचस्प भुल-भुलैया भी हैं। इस पार्क में वैज्ञानिक जानकारी से भरपूर प्राचीन मैमथ , टेरियर बर्ड , सेबर टूथ लॉयन जैसे विलुप्त जानवरों की विभिन्न मूर्तियां भी नजर आती हैं। बताते चलें कि इस अत्याधुनिक सार्वजनिक एक्वेटिक्स गैलरी में दुनियां के विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित जलीय प्रजातियों को समर्पित विभिन्न टैंक हैं , जिनमें एक मुख्य टैंक भी शामिल है जिसमें पूरी दुनियां की प्रमुख शार्क मछलियां हैं। यहां एक अनोखी 28 मीटर लम्बी वॉकवे टनल भी है जो एक अनूठा अनुभव देती है।इसी तरह 127 करोड़ की लागत से बनी रोबोटिक्स गैलरी में लोगों को रोबोटिक की दुनियां में हो रहे बदलाव के बारे में जानकारियां मिल सकेंगी। रोबोटिक्स गैलरी रोबोटिक तकनीक के विकास को बताने वाली इंटरैक्टिव गैलरी है , यह लोगों को रोबोटिक्स के निरंतर आगे बढ़ते क्षेत्र से परिचय करायेगी। गैलरी के एंट्री गेट पर ही रोबोटिक स्कल्पचर भी बनाया गया , इस गैलरी में एक अनूठा आकर्षण एक रिसेप्शन ह्यूमनॉइड रोबोट है। यह खुशी, आश्चर्य और उत्तेजना जैसी भावनाओं को व्यक्त कर सकता है , साथ ही यह लोगों से संचार भी कर सकता है। यह 11000 स्क्वायर मीटर में फैली है , इसमें करीब 79 प्रकार के 200 रोबोट मौजूद हैं। इनमें से सबसे चर्चित ह्यूमनॉइड रोबोट है , जो इंसानों की तरह ही बना है।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से गुजरात में 1100 करोड़ रूपये से ज्यादा की परियोजनाओं का उद्घाटन कर उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने ‘एक्वाटिक्स एंड रोबॉटिक्स गैलरी’ तथा गुजरात साइंस सिटी में स्थित ‘नेचर पार्क’ जनता को समर्पित की। इस उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री के अलावा गृहमंत्री अमित शाह , रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव , रेल राज्यमंत्री दर्शना जरदोश और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल हुये।

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