नवनिर्मित पीएम म्यूजियम भविष्य का ऊर्जा केन्द्र – पीएम मोदी।

नवनिर्मित पीएम म्यूजियम भविष्य का ऊर्जा केन्द्र – पीएम मोदी

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

नई दिल्ली – देश आज जिस ऊंचाई पर है , वहां तक पहुंचाने में प्रत्येक सरकार का योगदान है। हर प्रधानमंत्रियों ने चुनौतियों का सामना करते हुये देश को आगे ले जाने की कोशिश की है। हमारी युवा वर्ग और भावी पीढ़ी प्रधानमंत्रियों के बारे में जानेगी तो उन्हें प्रेरणा मिलेगी। यह नवनिर्मित पीएम म्यूजियम भविष्य का उर्जा केंद्र बनेगा। यहां आने वाले लोग देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान से रूबरू होंगे , उनके संघर्ष जीवन को जानेंगे। यह संग्रहालय आजादी के बाद देश के प्रत्येक प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि है , चाहे उनका कार्यकाल जो भी रहा हो और चाहे उनकी जो भी विचारधारा रही हो। इस संग्रहालय का उद्देश्य युवा पीढ़ी को नेतृत्व , दूरदृष्टि और देश के सभी प्रधानमंत्रियों की उपलब्धियों के बारे में संवेदनशील बनाना और प्रेरित करना है।


उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अंबेडकर जयंती के मौके पर आजादी के बाद से देश के प्रधानमंत्रियों को समर्पित प्रधानमंत्री संग्रहालय के उद्घाटन पश्चात लोगों को संबोधित करते हुये कही। उन्होंने कहा कि पीएम म्यूजियम देश को समर्पित करना मेरे लिये सौभाग्य की बात है। भारत आज जहां हैं , वहां तक उसे पहुंचाने में सभी सरकार का योगदान है। देश के हर प्रधानमंत्री ने अपने समय की अलग अलग चुनौतियों को पार करते हुये देश को आगे ले जाने की कोशिश की। मैंने लाल किले से भी ये बात कई बार दोहराई है। आज ये संग्रहालय भी प्रत्येक सरकार की साझा विरासत का जीवंत प्रतिबिंब बन गया है। देश के हर प्रधानमंत्री ने संविधान सम्मत लोकतंत्र के लक्ष्यों की पूर्ति में भरसक योगदान दिया है। उन्हें स्मरण करना स्वतंत्र भारत की यात्रा को जानना है। यहां आने वाले लोग देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान से रूबरू होंगे , उनके संघर्ष-सृजन को जानेंगे।प्रधानमंत्री संग्रहालय में जितना अतीत है , उतना ही भविष्य भी है। यह संग्रहालय देश के लोगों को बीते समय की यात्रा करवाते हुये नई दिशा-नये रूप में भारत की विकास यात्रा पर ले जायेगा। पीएम ने कहा ऐसे समय में जब देश अपनी आजादी के 75 वर्ष का पर्व , आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। तब यह म्यूजियम एक भव्य प्रेरणा बनकर आया है। इन 75 वर्षों में देश ने अनेक गौरवमय पल देखे हैं। इतिहास के झरोखे में इन पलों का जो महत्व है , वो अतुलनीय है। आजादी का ये अमृतकाल देश के लिये अहम है। मुझे विश्वास है कि नवनिर्मित पीएम म्यूजियम भविष्य का उर्जा केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा अलग-अलग दौर में क्या चुनौतियां रही और कैसे इससे निपटा गया ? भावी पीढ़ी के लिये ये प्रेरणा बनेगा। प्रधानमंत्रियों से संबंधित वस्तुयें यहां रखी गई है। सार्वजनिक जीवन में जो लोग उच्च पदों पर रहते हैं , उनके जीवन पर नजर डालते हैं तो ये एक तरह से इतिहास का अवलोकन करना होता है , उनके फैसले बहुत कुछ सिखाते हैं। इस म्यूजियम से स्वतंत्र भारत का इतिहास जाना जा सकेगा। देश के हर प्रधानमंत्री ने संविधान की पूर्ति में अपना योगदान दिया है। यहां आने वाले लोग देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान से रूबरू होंगे , उनके संघर्ष जीवन को जानेंगे। भावी पीढ़ी को सीख मिलेगी कि किस किस पृष्ठभूमि से आकर प्रधानमंत्री बनते रहे ? पीएम मोदी ने कहा हमारे बहुत से प्रधानमंत्री साधारण परिवार से आते हैं। गरीब परिवार , किसान परिवार से आकर प्रधानमंत्री बनना देश के युवाओं और देश को विश्वास देता है कि सामान्य परिवार में जन्म लेने वाला व्यक्ति भी शीर्ष स्तर तक पहुंच सकता है। इस म्यूजियम में जितना अतीत है , उतना ही भविष्य भी है। इस म्यूजियम में 40 से अधिक गैलरी है और करीब 04 हजार लोगों के एक साथ घूमने की व्यवस्था है। तेजी से बदल रहे भारत की तस्वीर ये म्यूजियम दुनियां को दिखायेगा , यह ऐसा अनुभव देगा कि वाकई में हम उसी दौर में जी रहे हैं और उनसे संवाद कर रहे हैं। इस म्यूजियम में युवाओं को लाने के लिये प्रोत्साहित करना चाहिये। युवा सक्षम हैं और उनमें देश को ऊंचाईयों तक ले जाने की क्षमता है। ये भारत को जितना अधिक जानेंगे , समझेंगे वे उचित फैसला लेने में सक्षम होंगे। यहां युवाओं को जो जानकारी मिलेगी , जो तथ्य देखेंगे उनसे वे भविष्य में निर्णय लेने में मदद ले सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा भारत लोकतंत्र की जननी है। भारत के लोकतंत्र की बड़ी विशेषता ये भी है कि समय के साथ इसमें बदलाव आता रहा है. लोकतंत्र को और आधुनिक बनाने का प्रयास हुआ है। समय के साथ जिस तरह कई बार समाज में कई कमियां रह जाती हैं, वैसे ही लोकतंत्र के सामने भी चुनौतियां आती रही है। इसे दूर करना भारतीय लोकतंत्र की खूबी है। सभी ने इसमें योगदान दिया है। आज जो भी चुनौतियां लोकतंत्र के सामने हैं , उन्हें दूर करते हुये हम आगे बढ़ें , ये लोकतंत्र की हमसे अपेक्षा है। हमारे भारत में विभिन्न विचारों और परंपराओं का समावेश होता रहा है। लोकतंत्र सिखाता है कि कोई एक विचार ही उत्तम हो , ये जरूरी नहीं है। हमारा लोकतंत्र हमें प्रेरणा देता है , नवीनता को स्वीकारने की। पीएम मोदी ने कहा कि ये हमारी सरकार का सौभाग्य है कि दिल्ली में हमने बाबा साहेब की महापरिनिर्वाण स्थली , अलीपुर रोड पर बाबा साहेब मेमोरियल का निर्माण करवाया। बाबा साहेब के जो पंच तीर्थ विकसित किये गये हैं, वो सामाजिक न्याय और अटूट राष्ट्र निष्ठा के लिये प्रेरणा के केंद्र हैं। ये म्यूजियम भी प्रधानमंत्रियों के विरासत को प्रदर्शित करके उत्सव मनाता है। पीएम ने कहा इस नये संग्रहालय में नया लोगो दिखेगा। यह भारत के लोगों के हाथों को एक चक्र पकड़े हुये दिखाता है , जो राष्ट्र और उसके जीवंत लोकतंत्र का प्रतीक है। भारत के इतिहास के महानता से , भारत के समृद्धि काल से सभी परिचित रहे हैं। हम भारत के विरासत और वर्तमान से विश्व में सही रूप से परिचित हो , ये जरूरी है। विश्व भारत को आशा और विश्वास की नजरों से देख रहा है , भारत को इसके लिये प्रयास बढ़ाने होंगे। ये म्यूजियम हमारे भीतर भारत के लिये बड़े संकल्पों का बीज बोने का सामर्थ्य रखता है। भारत के भविष्य को बनाने वाले युवाओं में कुछ कर गुजरने का भाव पैदा करेगा।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली के तीन मूर्ति भवन में प्रधानमंत्री संग्रहालय का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने सबसे पहले टिकट खरीदकर मुआयना करने के बाद अपना संबोधन दिया।प्रधानमंत्री संग्रहालय में देश के अब तक के सभी प्रधानमंत्रियों के कार्यों का प्रदर्शन होगा। पहले इसे नेहरू संग्रहालय भवन के नाम से जाना जाता था। बताते चलें पिछले माह पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नेहरू संग्रहालय को पीएम म्यूजियम में तब्दील करने का फैसला किया गया था। इस संग्रहालय में महत्वपूर्ण पत्राचार , कुछ व्यक्तिगत वस्तुओं , उपहार और यादगार वस्तुयें , सम्मान , पदक , स्मारक टिकट , सिक्के आदि भी प्रदर्शित किये गये हैं।  दूरदर्शन , फिल्म डिवीजन , संसद टीवी , रक्षा मंत्रालय , मीडिया हाउस (भारतीय और विदेशी) , प्रिंट मीडिया , विदेशी समाचार एजेंसियों , विदेश मंत्रालय आदि संस्थानों के माध्यम से इन सबकी जानकारी एकत्र की गई है। वहीं प्रदर्शनी को अत्यधिक इंटरैक्टिव बनाने के लिये होलोग्राम, वर्चुअल रियलिटी, ऑगमेंटेड रियलिटी, मल्टी-टच, मल्टी-मीडिया, इंटरेक्टिव कियोस्क, कम्प्यूटरीकृत काइनेटिक मूर्तियां, स्मार्टफोन एप्लिकेशन, इंटरेक्टिव स्क्रीन आदि लगायी गई हैं। इस प्रधानमंत्री संग्रहालय टिकट की कीमत ऑनलाइन खरीदने पर 100 रुपये और ऑफलाइन खरीदने पर 110 रुपये है , वहीं विदेशी नागरिकों के लिये 750 रुपये रखी गई है। इस संग्रहालय में ​लोग टिकट कटाकर प्रवेश कर सकेंगे। प्रधानमंत्रियों के बारे में जानने के अलावा लोगों को यहां फोटो खिंचवाने के अवसर ​भी मिलेंगे। आप भी अपनी पसंद के पूर्व या मौजूदा प्रधानमंत्री के साथ वर्चुअल तकनीक से तस्वीर खिंचवा सकेंगे।

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