प्रदेश की समृद्धि में हर छत्तीसगढ़वासी की रहेगी भागीदारी – सीएम बघेल

प्रदेश की समृद्धि में हर छत्तीसगढ़वासी की रहेगी भागीदारी – सीएम बघेल।

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

रायपुर – हमारा नया बजट , नये छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा तय करने वाला है। प्रदेश की खुशहाली में जनभागीदारी की सर्वाधिक भूमिका रहे , प्रदेश की समृद्धि में प्रत्येक छत्तीसगढ़वासी की भागीदारी रहे , यह हम सुनिश्चित करेंगे। हमारी सरकार जनहित और राज्य के विकास के लिये चट्टान की तरह मजबूती से काम कर रही है। जनता ने जिस विश्वास के साथ हमारे हाथों में सरकार की बागडोर सौंपी है , उस भरोसे पर खरे उतरने के लिये हम भरपूर मेहनत कर रहे हैं और उसकी सफलता आपके सामने है। राज्य सरकार किसी भी हालत में अपने वायदे से पीछे हटने वाली नहीं है।
उक्त बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपनी मासिक रेडियो वार्ता लोकवाणी की 28वीं कड़ी में “नवा छत्तीसगढ़ , नवा बजट” विषय पर प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुये कही। मुख्यमत्री ने लोकवाणी की शुरूआत छत्तीसगढ़ी भाषा में की। उन्होंनें कहा जम्मो सियान-जवान, दाई-दीदी, नोनी-बाबू मन ल जय जोहार। जय सियाराम। आप सब ल रामनवमी, डॉ. अम्बेडकर जयंती, महावीर जयंती, बैसाखी, हाटकेश्वर जयंती, श्रीमद् वल्लभाचार्य जयंती, ईद-उल-फितर के गाड़ा-गाड़ा बधाई। हमर छत्तीसगढ़ के प्राचीन नाम दक्षिण कोसल रिहिस। हमर छत्तीसगढ़ म भगवान राम ल भांचा माने जाथे। ते पायके हमन, छत्तीसगढ़ म माता कौशल्या, भगवान राम, सीता माता, लवकुश के चिन्हारी के सुरता हमेशा-हमेशा के लिए मजबूत करे बर, राम वन गमन पथ विकसित करत हन। कोरिया ले सुकमा जिला तक 02 हजार 660 किलोमीटर म राम वन गमन के चिन्हारी ल संजाए जाथे। प्रथम चरण म 09 जगह म विकास के बूता करे जाथे। ओमा दू जगह लोकार्पण करे गे हे। चंदखुरी अउ शिवरीनारायण म विकास कार्य के लोकार्पण बताथे के हमन मर्यादा पुरुषोत्तम राम के रद्दा म चलत हन। ”प्राण जाए पर वचन न जाए” हमर सिद्धांत हे। जनता ल दिए वचन निभाए के खातिर हमर नेता मन घलो बलिदान दे हे। हर कीमत म हमन वादा पूरा करबो, ऐला जनता मन जानथे अउ मानथे। सीएम बघेल ने कहा संकट, जीएसटी और केन्द्रीय करों के हिस्से में कमी के बावजूद राजस्व आधिक्य का बजट प्रस्तुत किया गया है। राज्य का ऋण भार और वित्तीय घाटा लगातार कम हो रहा है तथा पूंजीगत व्यय लगातार बढ़ रहा है। सीएम ने कहा छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद अब तक का सबसे बड़ा बजट राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया है। राज्य के बजट का आकार एक लाख 12 हजार 603 करोड़ 40 लाख है। निश्चित तौर पर छत्तीसगढ़ का बजट एक लाख करोड़ के ऊपर पहुंचना , प्रत्येक छत्तीसगढ़वासी के लिये गौरव का विषय है। हमारा नया बजट , नये छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा तय करने वाला है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के राज्य सरकार के बजट में हमने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या के अनुपात में बजट प्रावधान किया है , वहीं सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र को भी बराबर तवज्जो दी है। कृषि क्षेत्र को लेकर हमारी प्राथमिकता बहुत ही मुखर है। वर्ष 2022-23 में कृषि बजट के लिये 20 हजार 405 करोड़ रुपये की राशि रखी है। हम अपने संसाधनों के सम्मान , वेल्यू-एडीशन , अपनी मेहनतकश जनता की लगन और मेहनत को सही मान और राज्य के उत्पादन को सही दाम दिलाते हुये आगे बढ़ेंगे। हमारी इसी रणनीति के कारण छत्तीसगढ़ की आर्थिक स्थिति को सहारा मिला। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा एक जमाना था जब दिल्ली की यूपीए सरकार द्वारा प्रदेश को केन्द्र से अधिक राशि दी जाती थी , तब भी हमारे प्रदेश में राजस्व आधिक्य का बजट नहीं बना था। अब की स्थिति में तो हमारे बजट में राज्य और केन्द्र की राशि लगभग बराबर है। इसके अलावा जीएसटी से संबंधित समस्या और भी अधिक गहरा रही है। इसके बावजूद हमने अपने राज्य की कुशलता के आधार पर आधिक्य का बजट बनाया है। सीएम ने कहा हमने विधायकों से लेकर त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं को अपनी जिम्मेदारियां बेहतर ढंग से निभाने के लिये बड़े क्रांतिकारी प्रावधान किये हैं। जनप्रतिनिधियों को सक्षम बनाने पर वे अधिक कुशलता और लगन से काम करेंगे। इतना ही नहीं , ग्राम पंचायतों को और सशक्त बनाने के लिये अधिसूचित क्षेत्रों में रेत खदानों का संचालन पंचायतों द्वारा किये जाने का प्रावधान भी किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हम एक जनकल्याणकारी सरकार हैं। मेरा यह मानना है कि समाज के हर वर्ग को आर्थिक स्वावलंबन की ओर बढ़ाना हमारा कर्त्तव्य है। मैंने बजट में यह घोषणा की है कि पीएससी तथा व्यापम अब अपने परीक्षार्थियों से परीक्षा शुल्क नहीं लेगा। बजट के बाद भी एक नई घोषणा करते हुये हमने विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड के माध्यम से होने वाली परीक्षाओं में भी परीक्षा शुल्क माफ कर दिया है। इस तरह हम युवाओं की मदद के लिये एक कदम और आगे बढ़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां तक नौकरी का सवाल है , नये जिलों के लिये 01 हजार 100 पद , नई तहसीलों और अनुविभागों के लिये 161 पद , नई पुलिस चौकियों तथा थानों के लिये 350 पद , बिलासपुर तथा जगदलपुर एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिये 114 पद स्वीकृत किये गये हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के लिये दो वर्षों में 02 हजार 409 पदों पर भर्ती की जा चुकी है और 195 नये पद सृजित किये गये हैं। जरूरत अनुसार इसे बढ़ाया भी जायेगा। इसके अतिरिक्त बस्तर संभाग में सहायक आरक्षकों को वेतन भत्ते , पदोन्नति आदि का लाभ देने के लिये डिस्ट्रिक्ट स्ट्राइक्ट फोर्स नामक नवीन कैडर के गठन से युवाओं को लाभ होगा। इस दौरान सीएम बघेल ने श्रोताओं की जिज्ञासाओं का भी सिलसिलेवार जवाब दिया। राजनांदगांव मोहला के संजय जैन ने राज्य की ऋण स्थिति के संबंध में सवाल पूछा। तब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया 17 दिसम्बर 2018 की स्थिति में हमें 41 हजार 695 करोड़ का ऋण भार विरासत में मिला था। हमारी सरकार बनने के बाद शुद्ध ऋण में वृद्धि 42 हजार 528 करोड़ है। इसके पीछे एक बड़ा कारण है कि भारत सरकार से जीएसटी क्षतिपूर्ति नहीं मिलने के कारण हमें जीएसटी ऋण लेने के लिये कहा गया। अगर हमें जीएसटी की राशि मिल जाती तो ऋण नहीं लेना पड़ता। कर्ज लेने के कारणों का उल्लेख करते हुये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया पिछले तीन वर्षों में केन्द्र सरकार से केन्द्रीय करों में राज्य के हिस्से की राशि में 13 हजार 89 करोड़ रुपए की कमी हुई है। कोविड-19 आपदा के कारण राज्य के राजस्व में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई। यह भी एक बड़ा कारण है जिससे हमें यह ऋण लेना पड़ा। उन्होंने हमने जो भी ऋण लिया है, उसका लाभ किसानों तथा जरूरतमंद परिवारों को मिल रहा है और लौटकर अर्थव्यस्था में आ रहा है। इसी कड़ी में धमतरी जिले के जामगांव निवासी शुभम दास बघेल ने पूछा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना इस साल भी चालू रहेगी कि नहीं ? मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया राजीव गांधी किसान न्याय योजना के लिये हमने इस बार भी छह हजार करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है। इसका मतलब यह है कि योजना चालू रहेगी। विगत दो वर्षों में इस योजना के माध्यम से 11 हजार 180 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार अपने वादों से पीछे नहीं हटेगी। जो काम शुरू किये गये हैं वह आगे भी जारी रहेंगे। लोकवाणी में रायपुर जिले के मलदा गांव के उमाकांत वर्मा छत्तीसगढ़ को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रस्तुत करने पर मुख्यमंत्री को बधाई दी। रायपुर के राजेश वासवानी ने राजस्व आधिक्य का बजट पेश करने और कोरोना की चुनौती के बावजूद बजट में कोई भी नया कर व्यापारियों के ऊपर नहीं लगाने के लिये बधाई दी। वहीं महासमुन्द , झलप के पवन दास मानिकपुरी ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना बहाल करके एक तरह से नई उम्मीद जगा दी है। और रायपुर , मोवा के टिकेश साहू ने पीएससी और व्यापम का परीक्षा शुल्क माफ करने पर मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। इसी कड़ी में सीएम ने श्रोताओं को बजट की प्राथमिकता भी गिनाया।

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