बिना जांच महिला पत्रकार पर पर्चा दर्ज किया जाना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला।

बिना जांच महिला पत्रकार पर पर्चा दर्ज किया जाना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला
निष्पक्ष जांच की रखी मांग, केस से महिला पत्रकार को बाहर ना निकालने पर सड़कों पर उतरेगा पत्रकार भाईचारा

कंवलजीत सिंह जंडियाला गुरु।

अमृतसर प्रेस क्लब ने एडवोकेट संदीप गौरसी के बयानों पर उसके निजी झगड़े के मामले में पुलिस द्वारा बिना किसी ठोस जांच के अमृतसर प्रेस क्लब की संयुक्त सचिव ममता देवगन पर अपराधिक मामला दर्ज किए जाने की जहां कड़ी निंदा की वही इसे लोकतंत्र के चौथे स्थान पर सीधा हमला करार दिया है। प्रेस क्लब की ओर से जारी बयान में प्रधान राजेश गिल, महासचिव पंकज शर्मा ने कहा कि गत दिवस ममता देवगण जोकि पंजाब केसरी की वरिष्ठ पत्रकार है मीडिया कवरेज के लिए स्थानीय एन. आर .आई थाने में पहुंची। इस दौरान वहां पर रोष प्रदर्शन कर रहे लोगों द्वारा एडवोकेट संदीप गौरसी पर आरोप लगाए गए। इस पर समाचार में उक्त एडवोकेट का बयान लेने के लिए ममता देवगन द्वारा उनसे फोन पर संपर्क किया गया। जिस पर एडवोकेट द्वारा उसे अपने खिलाफ खबर न लगाने के लिए कहा गया और एडवोकेट द्वारा उनसे बहस भी की गई। इसके लगभग 1 घंटे के उपरांत रोष प्रदर्शन कर रहे व्यक्तियों का जब एडवोकेट संदीप गौरसी के साथ उसके कार्यालय में झगड़ा हुआ तो इस मामले में संदीप गौरसी द्वारा पुलिस को गुमराह कर उक्त व्यक्तियों के साथ साथ पत्रकार पर भी मामला दर्ज करवा दिया गया जबकि इस पूरी घटना में पत्रकार की कोई भी भूमिका नहीं थी। पुलिस द्वारा बिना किसी जानकारी एवमं जांच के एडवोकेट के बयानों पर आरोपियों के साथ साथ महिला पत्रकार पर मामला दर्ज कर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास ही नहीं किया गया बल्कि पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके नाम को भी खराब करने का प्रयास किया गया। अमृतसर प्रेस क्लब इसकी कड़ी निंदा करता है। पंकज शर्मा ने बताया कि इस संबंध में प्रेस क्लब की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस कमिश्नर से भी मिला और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रेस क्लब के उप प्रधान अनिल शर्मा तथा कोषाध्यक्ष विशाल शर्मा सहित प्रेस क्लब के समूह पदाधिकारियों और सदस्यों ने जहां पुलिस कमिश्नर से इस मामले की पूरी सच्चाई की जांच की मांग की है, वही महिला पत्रकार पर दर्ज किया मामला वापस लेकर एडवोकेट के खिलाफ पुलिस को गुमराह करने का मामला दर्ज करने की भी मांग रखी है। प्रेस क्लब की ओर से चेतावनी दी गई है कि अगर यह झूठा मामला वापस ना लिया गया तो पत्रकार प्रेस की आजादी पर हुए हमले के विरोध में सड़कों पर भी उतरने से गुरेज नहीं करेंगे। पूरे मामले का मूल्यांकन करने के लिए कल सभी पत्रकार प्रेस क्लब में इकट्ठा होकर आगे की रणनीति तय करेंगे।

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