बेरीनाग के चौकोडी के कोटनादेवी मंदिर परिसर तक पहुची आग, ग्रामीणो ने बुझायी।

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एनएचएल नेटवर्क ।

बेरीनाग जंगलों में आग लगने का क्रम थम नहीं रहा है। चौकोडी के कई जंगल आग की भेंट चढ़ चुके हैं। वनों को आग से बचाने के लिए वन विभाग ने कोई इंतजाम नही किए हैं, सड़कों के किनारे के अधिकतर जंगलों में आग लग चुकी है। बुद्धवार को भैसोडी, टकनार, मलसूना के जंगलो से होते हुए आग चौकोडी के मां कोटना देवी मंदिर तक पहुच गयी ग्रामीणो ने बमुस्किल आग बुझायी , आग लगने से सौकडो हेक्टेयर जंगल जलकर राख हो गया।

आग लगने से लाखों की वन्य संपदा जल गयी । वन्यजीवों को भी खतरा हो गया है। गांवों को आपूर्ति करने वाली अधिकतर पेयजल योजनाओं के स्रोत पहाड़ियों के छोटे गधेरों में ही होते हैं। इसके आसपास उतीस के पेड़, पौधे और फर्न होता है। इनसे नमी बनी रहती है। आग लगने से इन प्रजातियों को भी जलने से खतरा पैदा हो गया है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वनों में आग न लगाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। आग लगने की घटनाएं होने पर ग्रामीणों के सहयोग से आग बुझाई जा रही है। आग बुझाने वालो में हीरा सिह गैडा,दीपान सिह धानिक,दीप चन्द्र उप्रेती,भीम सिह महरा,मनीष पाठक,हरीश खाती,बलवन्त महरा,रमेश जोशी,निर्मल डसीला,लक्षमण सिह कार्की सामिल रहे।

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