मौजूदा उपचुनाव में विपक्षियों के बल्ले – बल्ले..

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

नई दिल्ली – गत 12 अप्रैल को पश्चिम बंगाल की एक लोकसभा और चार राज्यों में चार विधानसभा सीटों पर हुये उपचुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस उपचुनाव में भाजपा का सूपड़ा साफ हो चुका है। पश्चिम बंंगाल में ‘दीदी’ और बिहार में लालू का जादू चला है वहीं महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को जीत मिली है।
पश्चिम बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस की तरफ से जाने-माने अभिनेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शत्रुघ्न सिन्हा और भाजपा से इस सीट से अग्निमित्रा पॉल मैदान में थे। इस सीट से शत्रुघ्न सिन्हा ने एक लाख से भी अधिक वोटों से भाजपा प्रत्याशी अग्निमित्रा पाल को हरा दिया है। हार के बाद भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि हमारी तरफ से कुछ कमियां थीं जिसके कारण हमें हार का सामना करना पड़ा , जनता का फैसला मान्य होगा। हम आने वाले दिनों में जमीनी स्तर पर काम करेंगे। हम पुलिस , प्रशासन और चुनाव आयोग से राज्य में हिंसा पर रोक लगाने का आग्रह करते हैं। पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा नहीं होनी चाहिये। वहीं पश्चिम बंगाल की बालीगंज विधानसभा सीट से बाबुल सुप्रियो ने केया घोष से करीब बीस हजार से भी अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज कर ली है। बंगाल के बालीगंज विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद टीएमसी नेता बाबुल सुप्रियो ने कहा कि मैं जिस पार्टी में रहता हूं , उस पार्टी के लिये जान भी देता हूं। मुझे यह साबित करने की ज़रुरत नहीं। पहले मैंने भाजपा के लिये दो गोल किये , अब मैं टीएमसी के लिये दस गोल करूंगा। बीस हजार से ज़्यादा वोटों से मिली जीत को मैं ममता बनर्जी और टीएमसी संगठन को समर्पित करता हूं। आरजेडी के अमर पासवान ने बिहार में बोचहां विधानसभा सीट जीत ली है। उन्होंने निकटतम भाजपा प्रतिद्वंद्वी बेबी कुमारी को  36,653 मतों के अंतर से हरा दिया है। अमर पासवान को यहां वोट 82562 तो वहीं बीजेपी को 45909 वोट मिले हैं जबकि तीसरे स्थान पर वीआईपी की डॉ गीता कुमारी रही हैं। महाराष्ट्र के कोल्हापुर उत्तर विधानसभा के उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार जयश्री जाधव की जीत हुई। महाविकास आघाड़ी के तीनों दल इस चुनाव में साथ आये थे। जयश्री जाधव को 96,226 जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी बीजेपी उम्मीद्वार सत्यजीत कदम को 77,426 वोट मिले। वहीं छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीद्वार यशोदा वर्मा जीत गई हैं। उन्होंने अपने करीबी प्रतिद्वंदी भाजपा के कोमल सिंह जंघेल को बीस हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया है। तमाम कोशिश के बावजूद एक ओर जहां भाजपा इस सीट से जीत दर्ज करने में सफल नहीं हो सकी , वहीं जेसीसीजे के खाते में रही इस सीट को भी उसके उम्मीद्वार नरेंद्र सोनी नहीं बचा सके और उनकी जमानत भी जब्त हो गई।

चारों उपचुनाव जीतने वाले पहले सीएम बने बघेल

सवा तीन साल में चारों उपचुनाव जीतने वाले बघेल पहले मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने उपस्थित होकर कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा वर्मा का नामांकन दाखिल कराया था और लगातार छह दिनों तक क्षेत्र का धुआंधार दौरा कर 27 आम सभाओं को सम्बोधित किया था। छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार के कार्यकाल में चित्रकोट से लेकर खैरागढ़ तक चारों उपचुनाव में कांग्रेस ने ही बाजी मारी है। उल्लेखनीय है कि भूपेश सरकार के कार्यकाल में पहला उपचुनाव चित्रकोट में हुआ , जिसमें कांग्रेस ने जीत दर्ज की और राजमन बेंजाम नये विधायक चुने गये। यहां से तत्कालीन विधायक दीपक बैज ने सांसद चुनाव के लिये अपनी सीट छोड़ी थी। जिसके बाद यहां उपचुनाव हुये और यहां से कांग्रेस ने जीत हासिल की। दूसरा उपचुनाव दंतेवाड़ा में हुआ , यहां पर भी कांग्रेस की दिग्गज विधायक देवती कर्मा ने बाजी मारी। यहां तत्कालीन विधायक भीमा मंडावी का नक्सल हमले में निधन हो गया था। जिसके बाद यहां उपचुनाव हुआ और कांग्रेस ने जीत हासिल की।तीसरा उपचुनाव मरवाही विधानसभा सीट के लिये हुआ , यहां भी प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री और जेसीसीजे सुप्रीमो अजीत जोगी के निधन से सीट खाली हुई थी। जिसमें कांग्रेस के केके ध्रुव ने शानदार जीत दर्ज की थी। इसी कड़ी में इस बार खैरागढ़ उपचुनाव में भी कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा वर्मा ने बीस हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल कर लिया है , यानि लागातार चारों उपचुनाव कांग्रेस ने अपने पाले में कर लिया है। खैरागढ़ उपचुनाव में मिली जीत के बाद अब सदन में कांग्रेस विधायकों की संख्या बढ़कर 71 होने हो गई है।राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस बार चुनाव प्रचार अभियान के दौरान सीएम भूपेश द्वारा खैरागढ़ को नया जिला बनाने की घोषणा मास्टर स्ट्रोक साबित हुई है। कांग्रेस की जीत में सबसे अहम मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की खैरागढ़ को जिला बनाने की घोषणा को माना जा रहा है। यही वजह है कि पिछले चुनाव में तीसरे स्थान पर आने के बाद इस उपचुनाव में रिकार्ड मतों के अंतर से जीत हासिल की है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि 16 अप्रैल को परिणाम आयेगा और 17 अप्रैल को खैरागढ़-छुईखदान-गंडई नया जिला बनेगा।

जिला बनाने से जीत नहीं मिलती – सीएम बघेल

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खैरागढ़ विधानसभा के उप निर्वाचन में कांग्रेस प्रत्याशी को भारी मतों से मिली जीत पर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा है कि खैरागढ़ के लोगों ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और कार्यक्रमों के प्रति एक बार फिर से अपना विश्वास जताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने 09 जिले बनाये थे , लेकिन उन्हें वर्ष 2018 के आम चुनाव में केवल मुंगेली को छोड़कर 08 जिलों में करारी हार का सामना करना पड़ा था। केवल जिला बनाने भर से जीत नहीं मिलती है।

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