राज्य के गांव और शहरों में कोरोना संदिग्धों की तलाश।

 

 न्यूज होम लाइव हैल्थ डैस्क

दिल्ली। सेटेलाइट कंट्रोल रूम को भारत सरकार से 12 सौ के करीब लोगों की सूची मिली है जो 15 मार्च तक विदेशों से लौटे हैं। यह टीम इन लोगों को फोन कर के गूगल मैप के जरिये लोकेशन ट्रेस करेगी। उनसे बात कर उनसे मिलने वालों की सूची और मोबाइल नम्बर लिए जाएंगे।विदेश से आये लोगों के साथ ही उनके संपर्क में आये सभी लोगों को संदिग्ध मानते हुए ब्लॉक रेस्पांस टीम और सिटी रेस्पांस टीम को उनकी जानकारी दी जाएगी। कोरोना लके लक्षण वाले लोगों का परीक्षण होगा, जबकि अन्य लोगों को कोरनटाइन किया जाएगा। इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यो और शहरों से आए लोगों को भी ट्रेस किया जा रहा है। 104 हेल्प लाइन पर आ रही कॉल का डेटा लेने के साथ ही सभी गांवों के प्रधानों और अन्य जनप्रतिनिधियों से स्थानीय लोगों के नम्बर लिए जा रहे हैं। ताकि बाहर से आये लोगों के नम्बर और नाम मिल सकें। उन सभी लोगों को भी कॉल कर सेहत और किन किन लोगों के संपर्क में आये यह जानने की कोशिश हो रही है। कोरोना पॉजिटिव आ चुके मरीजो के सम्पर्क में आए सभी लोगों की जानकारी भी इसी के जरिए ली जा रही है। राज्य के गांव और शहरों में बड़ी संख्या में कोरोना संदिग्धों के छिपे होने का अंदेशा है। ऐसे लोगों की पहचान करने के लिए सेटेलाइट ट्रेकिंग सिस्टम की मदद ली जा रही है। कोरोना मरीजों की पहचान कर उन्हें अलग थलग करने में सेटेलाइट ट्रेकिंग सिस्टम का उपयोग साउथ कोरिया में बेहद सफल रहा है और इसके बाद अब राज्य सरकार ने भी इस पर काम करने का निर्णय लिया है। राज्य में उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी को इसका नोडल बनाय गया है। यूयूएसडीए में बाकायदा कंट्रोल रूम बनाया गया है जहाँ आईटी एक्सपर्ट की टीम विभिन्न माध्यमों से मिले मोबाइल नम्बरों से संदिग्धों तक पहुचने का काम शुरू किया गया है।

Share This News
  •  
  •  
  •  
  •  
  •