शिक्षा, पोषण और आरोग्य क्षेत्र में सेवा गुजरात का स्वभाव – पीएम मोदी

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

नई दिल्ली – गुजरात में कई सामाजिक गतिविधियों के लिये दानकर्ताओं की पुरानी परंपरा रही है और इस परंपरा को निभाने में पाटीदार समुदाय सबसे आगे रहा है। समृद्धि की देवी मां अन्नपूर्णा को सभी और विशेष रूप से पाटीदार समुदाय द्वारा अत्यधिक सम्मान दिया जाता है, जो रोजमर्रा की जिंदगी की वास्तविकताओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। हमारी संस्कृति में भोजन, स्वास्थ्य और शिक्षा को हमेशा बहुत महत्व दिया जाता है और आज श्री अन्नपूर्णाधाम ने इन तत्वों का विस्तार किया है। जो नई सुविधायें तैयार की जा रही हैं, उससे गुजरात के आम लोगों को काफी फायदा होगा
उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज हीरामनी आरोग्यधाम का भूमिपूजन और अन्नपूर्णा धाम ट्रस्ट के छात्रावास और शिक्षा परिसर का बीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये उद्घाटन करने के बाद संबोधित करते हुये कही। उन्होंने कहा कि स्टैच्यू ऑफ इक्वलिटी के रूप में, भारत ने सरदार पटेल को एक अच्छी श्रद्धांजलि दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात के अदालज में जनसहायक ट्रस्ट के हीरामनी आरोग्यधाम का भूमिपूजन किया। साथ ही उन्होंने श्री अन्नपूर्णाधाम ट्रस्ट के छात्रावास और शिक्षा परिसर का वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये उद्घाटन भी किया। पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम को हिंदी और गुजराती दोनों भाषाओं में संबोधित किया। पीएम ने कहा मां अन्नपूर्णा के इस पावन धाम में आस्था , आद्यात्म और सामाजिक दायित्वों से जुड़े बड़े अनुष्ठानों से जुड़ने का मुझे अवसर मिलता रहता है। मां के आशीर्वाद से मुझे हर बार किसी ना किसी तरह से आपके बीच रहने का मौका मिला है। समृद्धि और धनधान्य की देवी मां अन्नपूर्णा के प्रति हमारी अगाध आस्था रही है। पाटीदार समाज तो धरती माता से सीधे जुड़ा रहा है। मां के प्रति इस अगाध श्रद्धा के चलते ही कुछ महीने पहले मां अन्नपूर्णा की मूर्ति को हम कनाडा से काशी वापस ले आये हैं। उन्होंने कहा शिक्षा, पोषण और आरोग्य के क्षेत्र में गुजरात का स्वभाव रहा है कि जिसकी जितनी ताकत हर समाज कुछ ना कुछ सामाजिक दायित्व निभाता है उसमें पाटीदार समाज भी कभी पीछे नहीं रहता है। मां अन्नपूर्णा माता की इस मूर्ति को दशकों पहले काशी से चुराकर विदेशों में पहुंचा दिया गया था। अपनी संस्कृति के ऐसे दर्जनों प्रतीकों को बीते सात-आठ साल में विदेशों से वापस लाया जा चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मां अन्नपूर्णा की भूमि गुजरात में कुपोषण के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिये। उन्होंने कहा कि अक्सर कुपोषण अज्ञानता के कारण भी होता है। उन्होंने संतुलित आहार के बारे में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया। भोजन को स्वास्थ्य की दिशा में पहला कदम बताते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि कुपोषण अक्सर भोजन की कमी के बजाय भोजन के बारे में ज्ञान की कमी का परिणाम होता है। गुजराती के बारे में चर्चा करते हुये प्रधानमंत्री ने अच्छे काम के लिए ट्रस्ट और उसके नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन गणमान्य व्यक्तियों की महान विशेषता रचनात्मक कार्यों के साथ आंदोलन (आंदोलन) का सम्मिश्रण रहा है। ‘नरम लेकिन दृढ़ निश्चयी’ मुख्यमंत्री के नेतृत्व और प्राकृतिक खेती पर जोर देने के प्रयासों की सराहना करते हुये प्रधानमंत्री ने उपस्थित लोगों का आह्वान किया कि जहां तक संभव हो वे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दें। प्रधानमंत्री ने गुजरात में विकास की समृद्ध परंपरा के बारे में चर्चा की जहां विकास के नये मानक रखे गये हैं। उन्होंने कहा कि विकास की इस परंपरा को मुख्यमंत्री द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है। पीएम ने कोरोना टीकाकरण और जन औषधि केन्द्र का जिक्र करते हुये कहा कि जो द्वारें हमें 100 रूपये में खरीदनी है , वह इन केन्द्रों पर महज दस से पंद्रह रूपये में मिल जाती है। उन्होंने जन आरोग्य धाम का उल्लेख कर उनके लाभों की गणना करते हुये कहा कि गुजरात के आम लोगों को इससे बहुत लाभ होगा। पीएम ने आगे कहा केंद्र सरकार ने जिला अस्पतालों में मुफ्त डायलिसिस की जो सुविधा शुरू की है , उस अभियान को आपके ये प्रयास और बल देने वाले हैं। इन सभी प्रयासों और सेवाभाव के लिये आप सभी प्रशंसा के पात्र हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, राज्यसभा सांसद और श्री अन्नपूर्णा धाम ट्रस्ट तथा जन सहायक ट्रस्ट के ट्रस्टी नरहरि अमीन, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सी.आर. पाटिल और कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी समारोह को संबोधित किया। गौरतलब है कि छात्रावास और शिक्षा परिसर में 600 छात्रों के रहने व भोजन आदि की सुविधा के लिये 150 कमरे हैं। अन्य सुविधाओं में जीपीएससी, यूपीएससी परीक्षा के लिये प्रशिक्षण केंद्र, ई-लाइब्रेरी, सम्मेलन कक्ष, खेल कक्ष, टीवी कक्ष, छात्रों के लिये प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधायें आदि शामिल हैं।जनसहायक ट्रस्ट हीरामनी आरोग्य धाम को विकसित करेगा। इसमें एक बार में 14 व्यक्तियों के डायलिसिस की सुविधा, 24 घंटे रक्त-आपूर्ति की सुविधा के साथ ब्लड बैंक, चौबीसों घंटे संचालन में रहने वाला मेडिकल स्टोर, आधुनिक परीक्षण प्रयोगशाला और स्वास्थ्य जांच के लिये शीर्ष श्रेणी के उपकरण सहित नवीनतम चिकित्सा सुविधायें होंगी। यह आयुर्वेद, होम्योपैथी, एक्यूपंक्चर, योग चिकित्सा आदि के लिये आधुनिक सुविधाओं वाला एक डे-केयर सेंटर होगा। यहां प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण, तकनीशियन प्रशिक्षण और डॉक्टर प्रशिक्षण की सुविधायें भी उपलब्ध होंगी।

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