समूह के माध्यम से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर तलाशे जायगे।।

न्यूज होम लाइव संवाददाता सुशील खत्री।

मुनस्यारी। उच्च हिमालयी क्षेत्र में बसे चीन सीमा के निकट के 3 ग्राम पंचायतों में पहली बार महिला स्वयं सहायता समूह का गठन किया जा रहा है। समूह के माध्यम से इस क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर उनको तलाशा जाएगा। हिमालय क्षेत्र के लिए पौधारोपण , जड़ी-बूटी की खेती को बढ़ावा देने के लिए विचार विमर्श किया गया।
जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया की अध्यक्षता में मल्ला जोहार क्षेत्र के तीन ग्राम पंचायतों के पंचायत प्रतिनिधियों तथा आम जनता के बीच दराती में बैठक हुई। समुद्र की सतह से 2800 मीटर से 3100 मीटर की ऊंचाई पर बसे इन ग्राम पंचायतों में छः माह के लिए ग्रीष्म कालीन माइग्रेशन के लिए जाते है। इस क्षेत्र में रोजगार का बेहद अभाव दिखता है।
बैठक में तय किया गया है कि तीन ग्राम पंचायतों में महिला स्वयं सहायता समूह गठन किया जाएगा। समूह के माध्यम से कृषि,बागवानी तथा जड़ी बूटी की खेती को रोजगार के रूप में बढ़ावा दिया जाएगा।
बैठक में तय किया गया कि क्षेत्र में लगातार हो रहे के वृक्षों के कटान पर रोक लगाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
क्षेत्र में भूगोल एवं जलवायु के आधार पर नई नर्सरी विकसित की जाएगी। रोजगार से संबंधित पौधों का रोपण किया जाएगा।
इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने जोर देकर कहा कि विकास की यात्रा में पर्यावरण को संतुलित किया जाना बेहद आवश्यक है।
यहां के ग्लेशियरों से निकलने वाली गोरी गंगा मुख्य नदी से भारत की जनता को पानी प्राप्त होता है। इसलिए क्षेत्र का पर्यावरण संकट को समझते हुए कार्य कार्य योजना बनाई जानी चाहिए। बैठक में जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने कहा कि हमारे क्षेत्र के लिए सरकार को विकास की अलग नीति बनानी चाहिए।
इस क्षेत्र में होने वाले निर्माण कार्यों को नई टेक्नोलॉजी के आधार पर किया जाना चाहिए। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना विकास कार्य संपादित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह का गठन इस क्षेत्र के लिए विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। बैठक में मीलम के ग्राम प्रधान गिरीश पांगती, रालम की ग्राम प्रधान मंजू दरियाल, लास्पा की ग्राम प्रधान चंद्रा देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य विक्की दरियाल सहित दर्जनों ग्राम प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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