शुक्रवार को देवी का ननिहाल मानें जाने वाले देवराड़ा थराली से मायके कुरूड़ के लिए विदा हो गई।

रिपोर्ट हरेंद्र बिष्ट।

थराली। नंदादेवी राजराजेश्वरी मां भगवती का उत्सव डोली शुक्रवार को देवी का ननिहाल मानें जाने वाले देवराड़ा थराली से मायके कुरूड़ के लिए विदा हो गई हैं। इससे पहले गुरुवार को आयोजित विदाई मेले के बाद रात्रि जागरण किया गया।इस दौरान पूरी रात झोड़े, चाचरी भजन कीर्तन का आयोजन किया गया। शनिवार को डोली अपने दूसरे पड़ाव मेल्ठा पहुंचेगी।
बधाण की नंदादेवी की उत्सव डोली नंदा सिद्वपीठ देवराड़ा से दोपहर 11 बजे अपने पहले पड़ाव बज्वाड़ गांव के लिए रवाना हुई इससे पहले देवराड़ा में नंदा भक्तों ने देवी की स्तुति कर मनौतियां मांगी।जिस समय डोली को विदाई दी गई उस समय कई महिलाओं की आंखें छलछला गई। जबकि कई पर देवी अवतारित हुईं। इससे पहले गुरुवार को डोली को गर्भगृह से बहार निकाले जाने के मौके पर पहली बार देवराड़ा में दो दिवसीय मेले का आयोजन किया गया। रात्रि में ही जागरण कर झोड़े, चाचरी, भजन,कीर्तन किया गया जिसमें भारी संख्या में नंदा भक्त सम्लित हुए।इस मौके पर नंदादेवी राजराजेश्वरी परगन्ना बधाण कमेटी के अध्यक्ष भुवन हटवाल संरक्षक त्रिलोक सिंह रावत, विनोद रावत, बलवंत सिंह रावत, शौर्य प्रताप सिंह, विरेंद्र गुसाईं, प्चरण सिंह रावत, महेश त्रिकोटी, रघुवीर भंडारी, मनोज रावत,मदन गुसाईं, बलवीर भंडारी, भुपाल गुसाईं, विरेंद्र रावत, बार एसोसिएशन थराली के अध्यक्ष डीडी कुनियाल, लोल्टी, तु़ंगेश्वर के व्यापार संघ अध्यक्ष धनराज रावत,बधाणगढ़ी मंदिर समिति के अध्यक्ष देवेंद्र रावत, कुरूड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष नरेश गौड़,हरीश जोशी, गब्बर सिंह रावत, मनोज गुसाईं,सभासद सीमा देवी,लीला देवी,गौरा देवी, महेशी देवी,कमला देवी आदि ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया। देवराड़ा से विदाई के बाद यात्रा सुनाऊं गांव पहुंची जहां पर यात्रा का ढोल, नगाड़ों,गाजे बाजो के साथ भव्य रूप से स्वागत किया। इसके बाद यात्रा अपने पहले पड़ाव बज्वाड़ गांव में रात्रि विश्राम के लिए पहुंची शनिवार को यात्रा दूसरे पड़ाव माल होते हुए मेल्ठा पहुंचेगी।

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