सल्ट  कॉर्बेट टाइगर रिजर्व व कालागढ़ रेंज से लगे क्षेत्र में बाघ ने एक और महिला को शिकार बना डाला।

एनएचएल नेटवर्क।

अल्मोड़ा सल्ट  कॉर्बेट टाइगर रिजर्व व कालागढ़ रेंज से लगे क्षेत्र में बाघ ने एक और महिला को शिकार बना डाला। मृतका का शव मरचूला धूमाकोट रोड पर क्षत विक्षत हालात में पड़ा मिला। डीएफओ महातिम सिंह यादव ने मौके पर विभागीय टीम भेज दी है। डेढ़ माह में टाइगर अटैक की इस दूसरी घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। सल्ट विकासखंड के झडग़ांव निवासी 65 वर्षीय परी देवी पत्नी स्व. केशव दत्त शुक्रवार को लकडिय़ां लेने के लिए सीटीआर व कालागढ़ रेंज से सटे वन क्षेत्र की तरफ गई थी। शाम तक भी जब वह वापस न लौटी तो स्वजनों ने ग्रामीणों की मदद से तलाश शुरू की। मगर देर रात तक भी कोई सुराग न लग सका। शनिवार की सुबह ग्रामीणों ने दोबारा ढूंढना शुरू किया। मौके से करीब दो किमी दूर मरचूला से पौड़ी धूमाकोट रोड पर जंगल में परीदेवी का क्षत विक्षत शव बरामद हुआ। इससे तलाश को पहुंचे ग्रामीण दहशत में आ गए। सूचना वन विभाग का दी गई। क्षेत्रवासियों ने बताया कि परीदेवी रोजाना जंगल से लकडिय़ां लेेने जाती थी। जलौनी लकड़ी बाजार में बेच गुजर बसर करती थी। डीएफओ महातिम सिंह यादव ने बताया कि परीदेवी को बाघ ने मारा या गुलदार का शिकार हुई, जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि यह क्षेत्र कॉर्बेट टाइगर रिजर्व व कालागढ़ रेंज से लगा होन के कारण बाघ के हमले का ही अंदेशा है। पहले भी बना चुका निवाला बीती एक मार्च को झडग़ांव से लगे कूंपी गांव की 59 वर्षीय गुड्डी देवी का भी बाघ ने मार डाला था। वन विभाग की टीम तब से क्षेत्र में लगातार कांबिंग कर रही है। मगर आदमखोर बाघ को कैद नहीं किया जा सका है। डीएफओ की संस्तुति पर वन्यजीव प्रतिपालक ने बाघ प्रभावित इलाके में हिंसक वन्यजीव से निपटने को शिकारियों की तैनाती की हरी झंडी भी दी जा चुकी है। बीती 11 मार्च का एक बाघ पिंजर में कैद भी हुआ। मगर वही आदमखोर था इस पर संशय अब तक बना हुआ है। असल हिंसक वन्यजीव को सुरक्षित कैद करने के मकसद से डीएफओ ने अब क्षेत्र में कांबिंग और तेेज करने क निर्देश दे दिए हैं।

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