92,700 मीट्रिक टन LPG लेकर भारत आ रहे ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’।

एनएचएल नेटवर्क📡

नई दिल्ली  पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध की आहट के बीच भारत सरकार ने देश की रसोई गैस आपूर्ति को सुरक्षित करने के लिए कमर कस ली है। राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करते हुए दो विशाल गैस टैंकर— ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’— भारी मात्रा में एलपीजी (LPG) लेकर भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं। इसी के साथ, सरकार ने घरेलू बाजार में गैस की किल्लत पैदा करने वाले जमाखोरों और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ देशव्यापी अभियान का बिगुल फूंक दिया है।

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भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए समुद्री मार्ग से बड़ी खेप भेजी गई है।  जानकारी के अनुसार, शिवालिक और नंदा टैंकरों में कुल 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी लदी है। यह मात्रा देश के करोड़ों घरों में रसोई गैस की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त है। पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) के संघर्ष को देखते हुए, आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में किसी भी संभावित रुकावट से बचने के लिए इन टैंकरों की आवाजाही की विशेष निगरानी की जा रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत के पास पर्याप्त गैस भंडार सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। देशभर में सख्त छापेमारीआपूर्ति बढ़ाने के साथ-साथ सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि गैस आम जनता तक सही दाम पर पहुंचे।  पेट्रोलियम मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों ने घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए पूरे देश में एक साथ अभियान शुरू किया है। एजेंसियों ने उन वितरकों और बिचौलियों को चिह्नित करना शुरू कर दिया है जो आपूर्ति बाधित कर कृत्रिम कमी (Artificial Scarcity) पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले गैस एजेंसियों के खिलाफ भारी जुर्माना लगाने और उनके लाइसेंस रद्द करने जैसी कठोर कार्रवाई की तैयारी है। ‘घबराने की जरूरत नहीं’ उपभोक्ताओं के बीच किसी भी तरह के डर (Panic) को दूर करने के लिए सरकार ने आधिकारिक बयान जारी किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी का वर्तमान स्टॉक और आने वाली खेप किसी भी संकट से निपटने के लिए सक्षम है। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली गैस की कमी की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।

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