देवभूमि शर्मसार यहां स्कूल परिसर में चल रहा था देह व्यापार का गोरखधंधा, तीन गिरफ्तार। 

एनएचएल नेटवर्क📡

देहरादून।  देहरादून में देवभूमि की गरिमा को कलंकित करने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। कैंट क्षेत्र स्थित एक स्कूल परिसर में देह व्यापार का गोरखधंधा संचालित किए जाने का खुलासा होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की संयुक्त कार्रवाई में इस अनैतिक धंधे का पर्दाफाश हुआ है। मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है।

पुलिस को लंबे समय से किशन नगर एक्सटेंशन क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। एसएसपी को मिली गोपनीय सूचना के बाद सीओ सिटी के नेतृत्व में कैंट पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफेकिंग यूनिट की संयुक्त टीम ने स्कूल परिसर के पीछे बने स्थान पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान वहां आपत्तिजनक स्थिति में महिलाएं और पुरुष मिले। पुलिस ने मौके से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है।

जांच में सामने आया है कि आरोपी बेरोजगार युवतियों को नौकरी का झांसा देकर मेरठ, मुजफ्फरनगर और दिल्ली जैसे शहरों से देहरादून बुलाते थे। आर्थिक तंगी और मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें देह व्यापार के दलदल में धकेला जा रहा था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में एक शख्स पहले भी अनैतिक देह व्यापार के मामले में जेल जा चुका है।

छापेमारी के दौरान एक स्विफ्ट कार भी जब्त की गई है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर इस अवैध गतिविधि में किया जा रहा था। मामले में कोतवाली कैंट में अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

स्थानीय पार्षद नंदिनी शर्मा ने भी क्षेत्र में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी होने की बात कही। उन्होंने कहा कि देवभूमि की पवित्र छवि को धूमिल करने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

उत्तराखंड जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों वाले राज्य में स्कूल परिसर जैसी जगह का इस तरह के अनैतिक कार्यों के लिए इस्तेमाल होना बेहद गंभीर और चिंताजनक है। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बढ़ती मानव तस्करी और महिलाओं के शोषण की भयावह तस्वीर भी सामने लाती है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

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