निजी आवास से बरामद सरकारी राशन प्रकरण में कार्रवाई तय

न्यूज लाइव संवाददाता अभिषेक कुमार गौड–

निजी आवास से बरामद सरकारी राशन प्रकरण में कार्रवाई तय
🔷शासन के आदेश बावजूद नहीं थम रहा क्रय केन्द्र प्रभारियों का गोरखधन्धा
🔷इनामीपुर प्रकरण में पीसीएफ प्रबंधक बचाव में, एडीएम ने अपनाये कड़े रूख
अम्बेडकरनगर। फसलों की उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए कितने भी प्रयास और हिदायत खरीद करने वाली संस्थाओ को दिये जाय किन्तु उनके गोरख धंधे कम होने का नाम नहीं ले रहे है। शिकायतें भी होती है किन्तु जांच उन्ही से कराये जाने से किसानों का भला नहीं हो पा रहा है। इसी से जुड़ा टाण्डा विकास खण्ड के इनामीपुर गांव स्थित क्रय का है।
ज्ञात हो कि किसानों द्वारा गन्ना से लेकर धान व गेंहू सहित अन्य फसलों के उत्पादन किये जाते है और उनके इस उपज से देश वासियों के भोजन की व्यवस्था होती है फिर भी इन किसानों के साथ अन्याय किये जा रहे है। इसे लेकर केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा उनके उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए तरह-तरह के प्रबंध किये गये है और निगरानी भी सुनिश्चित की गयी है, बावजूद इन किसानों को समस्या से छुटकारा नहीं मिल रहा है। धान व गेंहू की खरीद में विभिन्न संस्थाओ को क्रय केन्द्र स्थापित करने के प्राविधान है जिनके द्वारा किसानों की उपज न खरीदकर लक्ष्य आढ़तियों के माध्यम से पूरा किये जाने का क्रम निरन्तर चला आ रहा है। केन्द्र खुलते है लेकिन वहां किसानों के पहुॅचने पर बहाने प्रभारियों की आदत बन चुकी है। गेंहू की फसल तैयार है और बिक्री के लिए किसान क्रय केन्द्रों पर पहुॅच रहे है लेकिन उन्हे मनमानी का शिकार होना पड़ रहा है। इसमें पीसीएफ संस्था को लिया जाय तो इसके काले कारनामें किसी से छिपे नहीं है। तैनात प्रबंधक पर तमाम किसानों के घपला घोटाले के आरोप भी लगते आ रहे है किन्तु गहरी पैठ के चलते उनके सेहत पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। गत दिनों विकास खण्ड टाण्डा क्षेत्र अन्तर्गत इनामीपुर क्रय केन्द्र का मामला सामने आया जहां किसान गेंहू लेकर गया और केन्द्र प्रभारी मौजूद नहीं था। सम्बंधित किसान ने एडीएम वित्त एवं राजस्व गिरिजेश त्यागी को अवगत कराया कि क्रय केन्द्र से कुछ दूरी स्थित गांव के एक घर में सरकारी बोरे में भरा गेंहू रखा गया है जिसे गंभीरता से लेते हुये उन्होने पीसीएफ के अधिकारियों को जांच का आदेश निर्गत किया। एकाउण्टेन्ट अवधेश द्विवेदी ने क्रय केन्द्र पर गये और मकान में रखे गेंहू का निरीक्षण किया। तब तक प्रभारी रमाशंकर उपाध्याय गायब रहे और तौल का काम बंद था। निजी मकान में गेंहू का रखा जाना नियम विरूद्ध था, जांच के पश्चात् उन्होने प्रभारी के विरूद्ध कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट तैयार किये। मामला तूल पकड़ने लगा और भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के प्रयास भी शुरू हो गये। टैªक्टर ट्राली से गेंहू हटाया जाने लगा और मामले में कार्रवाई किये जाने के आश्वासन भी दिये जाते रहे लेकिन पीसीएफ प्रबंधक अश्विनी शुक्ल द्वारा दिये बयान में लीपा पोती की आंशका दिखाई देने लगी जिन्होने बताया कि जांच की जा रही है, सरकारी गेंहू को जांच अधिकारी ने मान लिया है कि क्रय केन्द्र का है, तो ऐसे में जांच किस विषय का हो रहा है। मामला एडीएम के संज्ञान में आने पर उन्होने साफ तौर पर कहा कि किसी भी दशा में दोषी बक्से नहीं जायेगे। पीसीएफ प्रबंधक से अब तक की कार्यवाही की रिपोर्ट मांगी गयी है। एडीएम के इस रूख से तय है कि कितने भी बचाव किये जाय, कार्यवाही तय है।

Share This News