गंगोलीहाट में मूलभूत जनसमस्याओं को लेकर कांग्रेस का भूख हड़ताल आंदोलन जारी; पूर्व विधायक ने दिया समर्थन।

गंगोलीहाट संवाददाता।
पिथौरागढ़/गंगोलीहाट: गंगोलीहाट क्षेत्र में बदहाल सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। 15 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरने और भूख हड़ताल पर बैठे कार्यकर्ताओं को समर्थन देने वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक धरना स्थल पहुंचे।
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दो वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा गंगोलीहाट की जनता के समक्ष की गई घोषणाएं आज तक धरातल पर नहीं उतर सकी हैं, जिससे क्षेत्रवासी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
प्रमुख मांगें जिन पर जारी है आंदोलन:
स्वास्थ्य सेवाएं: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) गणाई-गंगोली में नए भवन का निर्माण कार्य शुरू करना तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बेरीनाग में प्रसूति रोग विशेषज्ञ और अस्थि रोग विशेषज्ञ की तत्काल नियुक्ति।
शिक्षा व खेल: राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) गंगोलीहाट के खेल मैदान का विस्तारीकरण।
धार्मिक व पर्यटन विकास: देवराड़ी पंत से बासुकीनाग मंदिर तक टिन शेड निर्माण और सौंदर्यीकरण का कार्य।
सड़क व बुनियादी ढांचा: क्षेत्र की लंबित अन्य जनसमस्याओं का त्वरित समाधान।
आंदोलन का नेतृत्व कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज टम्टा एवं अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ता कर रहे हैं।
पूर्व विधायक ने अपनी बात रखते हुए कहा कि विधायक कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा पिथौरागढ़ के विकास के लिए 10 प्रमुख प्रस्ताव मांगे गए थे। पूरे दायित्व के साथ 10 प्रस्ताव बनाकर भेजे गए, लेकिन आज तक सरकार की ओर से उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री द्वारा मंचों से की गई घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं। यदि प्रदेश में सरकार की ऐसी अधूरी और कागजी घोषणाओं की सूची बनाई जाए तो वह बेहद लंबी होगी। जनता को उनका हक न मिलना निंदनीय है।”
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार इन मूलभूत मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल जारी रहेगी।

